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Showing posts from June, 2022

Essay on Pollution in Hindi - पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध (700 Words+)

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आज के इस पोस्ट में हम आपको पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध बताने वाले है जो की आपको बेहद अच्छा लगेगा। कृपया इस पोस्ट को अपने मित्रों के साथ जरूर शेयर करें। Essay on Pollution in Hindi - पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध मनुष्य अपने दैनिक जीवन में जिस सक्रियता का परिचय देता है उसके दो परिणाम होते (1) लक्ष्य की उपलब्धि (2) गन्दगी का परित्याग । हम चाहे मलमूत्र त्याग करें, चाहे फसल उगायें, खेलें- कूदें या घरेलू कामकाज करें, थोड़ी बहुत ऐसी चीजें छोड़ ही देते हैं जिसे गन्दगी कहते हैं। इस गन्दगी को साफ कर उच्छिष्ट पदार्थो को एक जगह रखते जाते हैं। इसे कूड़ा कहते हैं।  हम कभी इन कूड़ों को खाद बना देते हैं, कभी जला देते हैं, कभी जमीन के नीचे गाड़ देते हैं। यदि ऐसा न करें तो कुड़ों का अम्बार लग जाय। कूड़ा या गन्दगी हमेशा हानिकर है । यह कीटाणु पैदा करता है। ये कीटाणु हमें रूग्ण बनाते हैं अतः इनकी रोकथाम आवश्यक है। जब से वैज्ञानिक प्रगति के कारण कल कारखानों में वृद्धि हुई है तबसे कारखानों से निकलने वाला धुँआ, उनमें प्रयुक्त होने वाले रसायनों तथा सामग्रियों के अवशेष, उसके धूल-कण आदि की मात्रा लगातार बढ़ती औ...

[2022] नारी शिक्षा पर निबंध : Nari Shiksha Par Nibandh

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नारी शिक्षा पर निबंध : Nari Shiksha Par Nibandh एक समय ऐसा था जब लोग सोचते थे कि स्त्रियों को शिक्षा देना आवश्यक नहीं है। अब हम महसूस करने लगे हैं कि स्त्री शिक्षा आवश्यक है। आधुनिक युग नारियों की जागृति का युग है। वे जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों से प्रतिद्वंद्विता करने का प्रयत्न कर रही हैं। बहुत लोग स्त्री - शिक्षा का विरोध करते हैं। वे कहते हैं कि औरतों का उचित क्षेत्र घर है। इसलिए वे तर्क देते हैं कि स्त्री-शिक्षा पर रुपये व्यय करना धन की बर्बादी है।  यह विचार गलत है, क्योंकि स्त्री-शिक्षा समाज में शांतिपूर्ण क्रांति ला सकती है। स्त्री-शिक्षा से कई लाभ हैं। शिक्षित स्त्रियाँ अपने देश के विकास में महत्त्वपूर्ण सहयोग दे सकती हैं। वे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों के काम में हाथ बँटा सकती हैं। वे शिक्षिका, वकील, डॉक्टर तथा प्रशासक के रूप में समाज की सेवा कर सकती हैं।  नारी शिक्षा पर निबंध वे युद्ध के समय महत्त्वपूर्ण काम कर सकती हैं। आर्थिक कठिनाई के इस युग में स्त्रियों के लिए शिक्षा एक वरदान है। प्रचुरता तथा उन्नति के दिन बीत गए। आजकल मध्यमवर्ग के लोगों के लिए...

A Detailed Short Note On Restoration Drama [750 Words+]

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A Detailed Short Note On Restoration Drama The chief feature of Restoration Drama is Heroic Tragedy. The Heroic Tragedy or the Heroic Play, like the Comedy of Manners, is a peculiar product of the Restoration era. It has often been condemned as unnatural and artificial. L. C. Knights criticises it as being alien to the soil. The fact is that it should not be judged by the standards of Shakespearean tragedy, but rather as a reaction to it. It arose, first, as a reaction to Shakespeare, because it was felt that nothing more could be done with the Shakespearean type of tragedy, and If they wanted really to excel and do something new, they must explore fresh fields. Secondly, it arose mainly to satisfy the social, moral and artistic needs of the age, and it lived so long as it satisfied those needs. "It came into existence in response to the spiritual needs of a tired, disillusioned and decadent aristocracy."  The aristocracy suffered from a sense of futility and moral insecur...